सनातन धर्म की शक्ति सभी को स्वीकार करना और आत्मसात करना ही रहा तिरस्कार, बहिष्कार आदि प्रतिक्रियायें हमारी मानसिकता विचारधारा कार्यसंस्कृति के विपरीत हैं हमने सांस्कृतिक विजय पताका फहराई हमने विजित भूमि पर कदापि सनातन धर्म को मानने की बाध्यता नहीं आरोपित की मौलिक पंथों को पनपने पल्लवित पुष्पित होने का समान अधिकार दिया यह सनातन धर्म की महानता उदारता का अभूतपूर्व अश्रुतपूर्व ज्वलंत उदाहरण है जयतु सनातनम् जयतु हिंदु राष्ट्रं अखंड भारतम् 🚩🙏 सर्वेभ्य: सनातन: सभी का मौलिक धर्म सनातन ही है किसी पंथ को मानने अपना लेने से धर्म नहीं परिवर्तित हो जाता धर्म सदैव एक रहा है और सदैव ही रहेगा ईश्वर के एकत्व को सभी पंथ स्वीकार करते हैं पंथ अनेक हो सकते हैं परन्तु धर्म सदैव एक रहा क्योंकि सार्वभौमिक सर्वमान्य सिद्धांत धर्म ही निर्धारित करता है पूजा पद्धति जीवन पद्धति की भिन्नता से धर्म भिन्न नहीं हो जाता पंथ कोई भी हो पर धर्म एक ही रहेगा जो शाश्वत सत्य ईश्वर तत्व में आस्था विश्वास का मार्ग प्रशस्त करता है और अनुगमन करने वालों के जीवन में प्रकाश, उत्साह का संचार करता है। जय श्री राम 🚩🙏

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