Posts

Showing posts from November, 2024

भारत किसका ?

कुछ लोगों का कहना है "इस भारत की मिट्टी में सभी का खून मिला है" माटी  भी हमारी खून भी  इस  मिट्टी पर जन्मे होने के कारण और यहाँ का अन्न ग्रहण कर पले बढ़े इस माटी के ही हुए इस बात से हमे कोई इनकार नहीं पर एक बात अवश्य है एक माटी पर संग मिल पले बढ़े लोगों में कुछ लोग फिरकापरस्ती की आंधी मे अपना असली वजूद भारतीयता कैसे भुला बैठे इसकी जड़ों मे जाने पर हम पाते हैं की 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर मे भी मौलवी अर्थात उलेमा वर्ग वतनपरस्त था 1905 के बंग भंग के समय हिन्दू मुस्लिम एक हो बंग भंग का विरोध किए खिलाफत आंदोलन जिसका कोई संबंध भारतीय स्वाधीनता संग्राम से नहीं था उसकअवसर मान मुस्लिम हिन्दू एकता को   ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध एक राजनीतिक हथियार के रूप में गांधी जी ने किया यह एक सर्वथा गलत निर्णय था पहली बार मुस्लिम को इस्तेमाल किए जाने का अनुभव हुआ काँग्रेस के निर्माण के पीछे भी अंग्रेजों की हिन्दू मुस्लिम एकता को खत्म करने की साजिश थी एंग्लो मोहम्मदन ओरिएंटल कॉलेज अलीगढ़ जो आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी है वह भी एक अंग्रेजों का गुलदस्ता ही था मुस्लिम लीग की स्थापना ...

LAYING CLAIM OVER SANATAN MANDIRS A DANGEROUS TREND

 WE  are seeing a upsurge in in laying claim over  many hindu devalayas converted into mosquees even many public and government in use properties are not spared how hollow and baseless these claims are can be guaged by the fact that majority of indian muslims have been forcefully converted to islam they from their forefathers had inherited sanatan tradition and thus were sanatan as aoutcome of islamic invasion from the north west and usrping of the central power centre by the invaders  never a conquest because they were invaders and deemed to be mentioned in the annals of bharat as invaders they right from turkoafghans down to the chagtai mongols(by error called mughals the persian term for mongols) they all were never able to subjugate or exercise power or full control over whole bharat because pockets of resistance  always proved more potent and remained a constant threat to the central centre of power the so called india under islamic rule under the turko afg...

सनातन बोर्ड की आवश्यकता एक चिरप्रतिक्षित आकांक्षा

 नई देहली में आहूत सनातन धर्म संसद कोटिशः सनतानियों की चिरप्रतिक्षित अभिलाषा की पूर्णता की ओर बढ़ता एक सशक्त पग है सदियों से उपेक्षित वंचित विभाजित सनातन कुछ ऐतिहासिक एवं कुछ राजनीतिक कारणों से ठगा स अनुभव कर रहा था आज आचार्य देवकी नंदन जी द्वारा इस पहल का सनातन समाज के द्वारा स्वागत होना चाहिए विगत सत्तर वर्षों के कांग्रेसी शासन के सनातन विरोधी नीतियों के परिप्रेक्ष्य में और मुस्लिम तुष्टीकरण के प्रति झुकाव को देखते हुए सनातन समाज कके हितों एवं अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षा हेतु एक धार्मिक अधिकार सम्पन्न प्राधिकरण की आवश्यकता प्रतीत होती रही है परंतु कोई ठोस पहल इस दिशा मे न हो सकी थी अन्य पंथों को संचालित नियंत्रित करने वाली संस्थाएं कार्यरत हैं विश्व के सर्वाधिक प्राचीन अपितु धर्म आधारित सनातन धर्म मे ऐसी व्यवस्था न हो सकी थी धर्म सांसदों जो कुंभों एवं महाकुंभों मे आयोजित होते थे उन्हीं मे चारों शंकराचार्यों एवं संत समाज के निर्णयों के द्वारा आवश्यक परिवर्तन,प्रवर्तन,संशोधन प्रस्तावित एवं सर्वसम्मति से स्वीकृत हो अनुपालित होने के लिए घोषित होते थे धर्मसांसदों का आयोजन इसी उद्दे...

BHARAT A CULTURAL INTEGRATED ENTITY~VEDIC RASHTRA ~A NATION NEVER A UNION OF STATES

 Bharat i.e. india has been a culturally integrated  rashtra or nation though customs traditions and lifestyles may have differed but all followed the same vedic cultural tradition the vedic dharma or SANATAN DHARMA having belief in oneness of god but also tolerant towards others ekoham bahusyamah we never denied the existence of other faiths and had equal respect for them because we believe in oneness of faith a faith is a ladder to seek the grace of god or a mode of worship of god who we can call by various names prescribed in various holy scriptures we the sanatanis address HIM as SAT CHIT ANAND  or simply SACCHIDANAND pictographed in the symbol OM MADE UP OF THE ALPHABETS A,U&M the modes of worship may be different but we all worship the same SUPREME GOD WE CALL BY DIFFERENT NAMES AND WORSHIP FOLLOWING DIFFERENT METHODS BUT SEEK TO REACH THE SAME GOAL OF SEEKING THE GRACE OF GOD ADDRESSED TO BY VARIOUS NAMES similarly bharat has since evolution been a cultural int...

हिंदुत्व ~ एक निरूपण

 [03/11, 7:35 am] हिंदुत्व घोष: श्रद्धा विश्वास रूपिणौ से तात्पर्य है कि श्रद्धा विश्वास के द्वारा एक नैष्ठिक परंपरा का निर्माण हुआ और जड़ें जमाते हुए आस [03/11, 7:55 am] हिंदुत्व घोष: आस्था का उद्भव हुआ आज जो सनातन धर्म है वह वैदिक ऋषि परंपरा के द्वारा प्रतिपादित शाश्वत आर्ष ज्ञान विज्ञान का यथादृष्ट निरूपण वैदिक सनातन धर्म के रूप में किया उसी परंपरा के हम अनुयायी हैं उसी धर्म, संस्कृति, सिद्धांतों को यथारूप आने वाली पीढ़ियों को धरोहर के रूप में एक अक्षुण्ण परंपरा के रूप में अग्रसारित कर तद्नुसार अनुसरण करने की प्रेरणा देना हमारा दायित्व, कर्तव्य है वैदिक सनातन धर्म के प्रति जागरूक करना प्रचार प्रसार में सक्रिय भूमिका दायित्व बोध एवं कर्तव्य बोध से शस्त्र एवं शास्त्र से राष्ट्र, धर्म, संस्कृति, सनातन धर्म के विरुद्ध विषबाण, षड्यंत्र, आक्रमणों के प्रति जागरूक करना एवं प्रतिकार हेतु संचेष्ट रहना ही *हिंदुत्व*है और इसी हिंदुत्व भाव को जागृत करना एवं धारण करना एवं समस्त सनातन समाज को एकजुट सूत्रबद्ध कर वैदिक सनातन धर्म एवं अखंड सनातन हिंदु राष्ट्र हेतु संकल्प से सिद्धि तक पहुंचाने का ...