सनातन बोर्ड की आवश्यकता एक चिरप्रतिक्षित आकांक्षा
नई देहली में आहूत सनातन धर्म संसद कोटिशः सनतानियों की चिरप्रतिक्षित अभिलाषा की पूर्णता की ओर बढ़ता एक सशक्त पग है सदियों से उपेक्षित वंचित विभाजित सनातन कुछ ऐतिहासिक एवं कुछ राजनीतिक कारणों से ठगा स अनुभव कर रहा था आज आचार्य देवकी नंदन जी द्वारा इस पहल का सनातन समाज के द्वारा स्वागत होना चाहिए विगत सत्तर वर्षों के कांग्रेसी शासन के सनातन विरोधी नीतियों के परिप्रेक्ष्य में और मुस्लिम तुष्टीकरण के प्रति झुकाव को देखते हुए सनातन समाज कके हितों एवं अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षा हेतु एक धार्मिक अधिकार सम्पन्न प्राधिकरण की आवश्यकता प्रतीत होती रही है परंतु कोई ठोस पहल इस दिशा मे न हो सकी थी अन्य पंथों को संचालित नियंत्रित करने वाली संस्थाएं कार्यरत हैं विश्व के सर्वाधिक प्राचीन अपितु धर्म आधारित सनातन धर्म मे ऐसी व्यवस्था न हो सकी थी धर्म सांसदों जो कुंभों एवं महाकुंभों मे आयोजित होते थे उन्हीं मे चारों शंकराचार्यों एवं संत समाज के निर्णयों के द्वारा आवश्यक परिवर्तन,प्रवर्तन,संशोधन प्रस्तावित एवं सर्वसम्मति से स्वीकृत हो अनुपालित होने के लिए घोषित होते थे धर्मसांसदों का आयोजन इसी उद्देश्य से किया जाता था यह एक परंपरा रही है सनातन समाज की सुरक्षा सनातन संस्कृति संस्कृत मठ मंदिर जो हमारी आस्था के केन्द्रबिन्दु शकटोकेंद्र रहे एवं सनातन समाज को धार्मिक आयोजजनों के माध्यम से एकजुट करने के शक्ति केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं उनका संरक्षण,नियंत्रण,सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है अतः एक अधिकार सम्पन्न संस्था की आवश्यकता है सनातन धर्म,सनातन संस्थाओं मठ मंदिरों साधु संत समाज एवं सम्पूर्ण सनातन समाज की सुरक्षा संरक्षा एवं सुचारु नियंत्रण हेतु कार्यनिष्ठ दायितवाबोधनिष्ठ कार्यपालक अधिष्ठान की पूर्ति सनातन बोर्ड के गठन से हाइ संभव है मंदिरों से प्राप्त दान जो hcre act के चलते सरकार के पास जा रहा है उसका समुचित प्रयोग सनातन धर्म के प्रचार प्रसार बंद पड़ी भारत की वैदिक ज्ञान विज्ञान संस्कृत एवं सनातन परंपरा को जीवित रकने वाली वैदिक ज्ञान के ज्ञान दीप को ज्योतित रखने वाली वैदिक गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित कर एवं विकसित करने चिकित्सालयों सकारात्मक सामाजिक विकास से राष्ट्रीय विकास के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक उत्तरदायी नियामक संस्था की कीर प्रतीक्षित भूमिका निभाने में सक्षम होगी अतः एक सर्वाधिकार सम्पन्न सनातन बोर्ड का गठन परम आवश्यक है एवं प्ररसंगिक एवं यूकीसनगत है जयतु सनतानम जयतु भारतम
Very thoughtfull
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