भारतवर्ष हमारी मातृभूमि है हिंदुत्व हमारी अस्मिता है भारतवर्ष की अखंडता, संप्रभुता, सुरक्षा और एकता की बात भारतवर्ष का मौलिक निवासी सत्य वैदिक सनातन राष्ट्र भारतवर्ष का सनातन धर्म, संस्कृति, संस्कार का वैदिक ऋषि परंपरा का उत्तराधिकारी,संवाहक सनातनी हिन्दू न करेगा तो कौन करेगा हिन्दू, हिंदुत्व, सनातन धर्म, सनातन संस्कृति, सनातन संस्कार, सनातन वैदिक सांस्कृतिक कार्य संस्कृति, परंपरा एवं हर भारतीय सनातन हिन्दू की अपना परिवार मान सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य दायित्व है शत्रु बोध का जागरण भी आवश्यक है सबसे अधिक भारत एवं भारतीय मानसिकता को हानि शत्रु बोध और स्व इतिहास के अज्ञान से पहुंची है यह समझना आवश्यक है हर सनातनी को भारतवर्ष का शत्रु, इतिहास, संस्कृति, संस्कृत, सांस्कृतिक भोगौलिक इतिहास, भारत को पहुंची एवं पहुंचाई गई क्षेत्रीय हानि, इतिहास के छल, भारतीय के गौरवशाली इतिहास को विद्रूप करने और षड्यंत्रपूर्वक कूटरचित सेक्युलर इतिहास एक एजेंडे के अनुरूप सेक्युलर लिबरल वामपंथी अर्बन नक्सल भाईचारा परस्त शैक्षिक गैंग के द्वारा शैक्षिक वातावरण को संक्रमित कर राष्ट्रीय जीवन को भ्रम, दुविधा, किंकर्तव्यविमूढ़ बनाना भी बताना होगा यह नहीं सोचना है कि बच्चा है क्या समझेगा हमें यह नहीं भूलना है हमें एक राष्ट्र एक भाव राष्ट्र भाव सुरक्षित, जागरूक,सजग,सचेत, संचेष्ट, सन्नद्ध सनातन राष्ट्र भारतवर्ष का भावी नागरिक निर्माण करने का दायित्व कर्तव्य निभाना है उसे मात्र एक अभी जब तक परिवर्तन नहीं होता तब तक 'सेक्युलर' ,'इंडिया जो भारत है' संविधान १९५० के अनुसार का साधारण नागरिक नहीं जिसे अधिकार तो बताए गए लेकिन राष्ट्र, राष्ट्र धर्म, राष्ट्रीय चरित्र, राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्र बोध कभी बताया ही नहीं गया व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है यह एक स्वयंसिद्ध ईश्वरीय सत्य है इसे समझना और प्रचलित करना होगा और इसे व्यवहार में लाना होगा धर्म योद्धा ही धर्म राष्ट्र की रक्षा कर सकता है यह बोध कराना होगा यह हर सजग जागरूक भारतीय का कर्तव्य है धर्मयुद्ध में धर्म योद्धा बनना पड़ता है सब कुछ सरकार, सेना का मुंह देखने से नहीं होता आप अपना कर्तव्य दायित्व निभाएं सरकार, सेना को समझाने की आवश्यकता नहीं वह राष्ट्र धर्म निभाने का कार्य स्तुत्य रूपेण कर रही है हमारा दायित्व कर्तव्य है कि भारत में छिपे,घात लगाए, अपने बीच कैमोफ्लाज्ड अंडर कवर भारत शत्रुओं की पहचान कर उनका निर्मूलन सुनिश्चित करना है एक सुरक्षित भारत सुरक्षित राष्ट्र जीवन के लिए यह हमारी भूमिका एवं राष्ट्र धर्म है यह बोध अनिवार्य है जयतु सनातनम् जयतु भारतम् 🇮🇳🚩🙏 जय हिन्द 🇮🇳🙏
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत राष्ट्र की मौलिक अवधारणा है सांस्कृतिक से संस्कारजन्य से अभिप्राय है संस्कार वैदिक पृथ्वी सूक्त के माता भूमि: पुत्रोहं पृथवया से है जो हमारा मातृभूमि से मत पुत्र का संबंध स्थापित करता है जो एक नैसर्गिक सत्य है मत एवं पुत्र का संबंध पवित्रताम एवं दैवीय है पारंपरिक स्थापना से निष्ठा का जन्म होता है मत पुत्र संबंध के चलते हम मातृभूमि कहते हैं सम्पूर्ण विश्व मे हम ही अकेले मातृभूमि कहते हैं राष्ट्र औरों के लिए एक भूमि का टुकड़ा अथवा एक भौगोलिक पहचान होगी हम हमारे वैदिक ऋषि पूर्वजों के पाठ पर चल भारत को जीवंत राष्ट्र देव मानते आए हैं यह एक स्थापित सत्य है अतः निष्ठा एक मौलिक आधार है जो हमे राष्ट्र भाव से ओतप्रोत करता है भारत के वैदिक मूल की सजीवनी हमारे ऋषि पूर्वजों द्वारा प्रदत्त सत्य सनातन वैदिक धर्म है सर्वं खलविदं ब्रह्म के ओजस्वी विचारधारा से विश्व को ब्रह्म का रूप जान नदियों,पर्वतों,वनस्पतियों,प्रकृति की हम पूजा करते हैं एकां सद विप्र बहुधा वदंति के अनुसार हम सर्व धर्म समभाव मे विश्वास रखते हैं एक परमेश्वर को विभिन्न दृष्टिक...
Comments
Post a Comment