भारत एक आवश्यक अनिवार्यता

 जयतु अखंड हिंदु राष्ट्र भारतम् 🕉️🚩🙏 अब यह शाश्वत सत्य सभी को स्वीकार कर लेना चाहिए क्योंकि असत्य की सत्ता टिकाऊ नहीं होती आई सी यू में वेंटिलेटर पर अंतिम सांसें गिन रहा एक थोपा हुआ असत्य एक स्व विहीन स्वतंत्र स्वाधीन विदेशी अधिरोपित इंडिया कब तक शास्त्रीय ऐतिहासिक कालातीत युग प्रवर्तक भारत के समक्ष कब तक बलात् जीवित रह पाएगा ऐतिहासिक सिंधु से हिंदु हिमालयं समारभ्य यावदिंदु सरोवरं तं देवो निर्मितं देवं हिंदुस्थानं प्रचक्षते और कहां विदेशी नाविकों, यात्रियों के द्वारा इंडस नदी (सिंधु) से मेगेस्थनीज की इंडिका से इंड से इंडिया जिसका इस भूमि के धार्मिक नैसर्गिक नैष्ठिक अतीत से कोई लेना-देना नहीं यह हिंदुभूमि हिंदु धर्मावलंबियों की जन्मभूमि मातृभूमि विश्व का हर देश अपना नाम वहां की मौलिक वंशज के नाम पर रखता है यथा ब्राइटन से ब्रिटेन एंग्लो सैक्सन जूट से ऐंगल से इंग्लैंड हम कभी इंडियन नहीं रहे हम उत्तरं समुद्रस्य हिमाद्रश्चैव दक्षिणं वर्षं तद्भारतम् नाम भारती यत्र संतति: हम भारती अर्थात भारत के और भारतीय जिसका अर्थ भी भारत के ही होता है अतः हम नैसर्गिक नैष्ठिक मौलिक रूप से केवल भारतीय थे, हैं और सदैव ही रहेंगे तात्पर्य है कि हम अपने को भारतीय/हिंदुस्थानी सनातनी हिन्दू ही कहें हमें अन्य किसी भी पहचान की खोज नहीं करने की आवश्यकता है हमें हमारे ऋषि पूर्वजों ने एक अक्षुण्ण पहचान दी है उसे गौरवान्वित हो शिरोधार्य, धारण करें और कहें

*कहो गर्व से हम हिन्दू हैं हिंदुस्थान हमारा है* पूज्य दीदी मां

जय हिंदुत्व जयतु सनातनम् जयतु अखंड भारतम् 🚩🕉️🙏

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