समय की मांग :भारत राष्ट्र हो हिन्दू राष्ट्र

 अब समय आ गया है कि हम संवैधानिक रूप से भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर आधिकारिक पुष्टि करें विश्व के अन्यान्य देश धार्मिक आधार पर अपनी पहचान विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर चुके हैं यह दुर्भाग्य है कि संविधान के २२ चित्र दो जबरन जोड़े भगवान श्रीराम आदि के चित्रों से सुसज्जित भारत के मूल संविधान १९५० की भावना, संविधान सभा में भगवा ध्वज की मांग, भीमराव अंबेडकर की संस्कृत की भाषा के रूप में मांग,देश के धर्म के नाम पर दुर्भाग्यपूर्ण बंटवारा, आपातकाल में ४२वें संशोधन से धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी जोड़ा जाना,भारत को राष्ट्र न मान गणराज्य की घोषणा इत्यादि अनेक अतीत के उठे कदमों से यह सुनिश्चित है ये सवाल उठते रहे हैं और उठते ही रहेंगे अब सभी सवालों के पटाक्षेप पर हिंदु राष्ट्र की संवैधानिक आधिकारिक घोषणा ही सर्वोत्तम उपाय है और इस पर हमें विचार एवं कार्यान्वयन करना ही होगा यह समय की मांग है अब तक पीढ़ियों को हम अपने हाथों एक अनिश्चित अस्पष्ट भविष्य जिसका कोई अता पता नहीं हम धकेलते रहेंगे समानता एवं अवसर संवैधानिक देन है उसे योग्यता आधारित करना आरक्षण रहित करना हमारा कर्तव्य एवं दायित्व है 

भारत स्वतंत्र होते हुए भी 'तंत्र'का शिकार हो चुका है आज जब हम सनातनी को एक करने की बात कह और कर रहे हैं तब भारत के अंदरूनी शत्रु विदेशी आकाओं के इशारे पर भारत को भेदभाव वैमनस्य सामाजिक विसंगतियों को बढ़ावा देने की साजिशों को अंजाम देने में लगे हैं उन्हें हमें पहचान कर उनके खतरनाक इरादों का पर्दाफाश कर निर्मूलन करना होगा हमें स्मरण रहे भारत रक्षा हेतु हमें एकजुट होकर ही देश के दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना होगा 

जय मां भारती 🚩

Comments

Popular posts from this blog

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण

BHARAT: A ETERNAL CULTURAL NATION WITH CULTURAL ROOTS

ऑपरेशन सिंदूर नये भारत का उदय