जनसंख्या परिवर्तन राष्ट्र विखंडन का अभिनंदन

 वैश्विक परिस्थितियों में तेजी से परिवर्तन जनसंख्या परिवर्तन एक बढ़ते खतरनाक इरादे और निश्चित एजेंडे पर तेज बढ़ते कदमों का संकेत है २०१५ के पी ई यू स्टेट आफ रेलिजन्स आफ द वर्ल्ड ने आंकड़े दिये थे कि यू के में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि २०५० तक मूल ईसाई जनसंख्या को पीछे छोड़ बहुसंख्यक हो जायेगी और विश्व में इस्लाम पंथ का वर्चस्व बढ़ उसे विश्व में धर्मानुयायियों के संख्या की दृष्टि से अभी सर्वाधिक अनुयायियों के साथ आगे चल रहे ईसाई समुदाय जो पहले स्थान पर है उसे पीछे छोड़ सर्वप्रथम हो जायेगा उसकी प्रक्रिया कब से चल रही है यूरोप में स्वीडन, जर्मनी, फ्रांस में लोन वुल्फ आक्रमणों,हिंसा, नरसंहार के रूप में सामने आ चुके हैं इनके पीछे इमिग्रेशन की सक्रिय भूमिका है इमिग्रेंट्स और कोई नहीं बल्कि मुस्लिम समाज के लोग हैं और जो रैडिकलाइज अर्थात मजहबी जिहादी मानसिकता, प्रवृत्ति वाले हैं जो संख्या बल से चलती देशों की लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपहरण कर अपना वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से विदेश में अवसर, शिक्षा,बेहतर रहन सहन के लिए अपने मूल देश छोड़ कर अन्य देशों में तेजी से बस रहे हैं परन्तु उनका मूल उद्देश्य इस्लाम का फैलाव और जिहादी मजहबी मानसिकता प्रवृत्ति को बढ़ावा देना ही है भारत में भी बहुत लंबे समय से यह प्रक्रिया चल रही है डेमोग्राफी चेंज से डेमोक्रेसी पर कब्जा और देश पर कब्जा से इस्लामी वर्चस्व स्थापित करना ही खतरनाक एजेंडा है जिस पर तेजी से काम चल रहा है यूरोपीय देशों में सत्ता परिवर्तन और वामपंथी, रैडिकल तत्वों का कब्जा विश्व पर बढ़ते संकट की ओर इशारा मात्र है भारत में सीमा पार से बढ़ते रोहिंग्या, बंग्लादेशी मुस्लिम जनसंख्या का गुपचुप अवैध प्रवेश और यहां इकोसिस्टम पोषित पालित संस्थापित संरचना से उन्हें यहां तैयार वेल्कम किट (आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास स्थान आदि रेडीमेड सुविधाएं) से तेजी से डेमोग्राफी चेंज को प्रोत्साहन मिल रहा है इसके पीछे वोट बैंक, मुस्लिम तुष्टिकरण का पेशेवर राजनीतिक खिलाड़ियों का वोट बैंक से सत्ता तक पहुंच का उद्देश्य स्पष्ट है देहली में विधिवत वोटबैंक के पुष्टिकरण हेतु रोहिंग्या बंगलादेशी घुसपैठियों की बसावट, पूर्वोत्तर राज्यों, सीमावर्ती क्षेत्रों, राज्यों में तीव्र जनसंख्या वृद्धि, परिवर्तन इस तेजी से परिवर्तित होती परिस्थितियों की झांकी है पिक्चर अभी बाकी है डेमोग्राफी चेंज एक खतरनाक प्रक्रिया है और इस पर प्रभावी नियंत्रण करना राष्ट्र की अखंडता संप्रभुता एकता राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पारस- ईरान, गांधार-अफगानिस्तान, सिंधुदेश-पाकिस्तान (भारत के विभाजन पश्चात पश्चिमी पंजाब आदि और पूर्वी बंगाल) के तोड़ कर द्विराष्ट्र सिद्धांत, जिन्ना की जिद, अंग्रेजों की विभेदकारी कूटनीति, षड्यंत्र,छल का परिणाम है एवं सर्वोपरि मजहब के नाम पर देश का बंटवारा या टुकड़े करना ही था तत्कालिक परिस्थितियों को पुनः पैदा किया जा रहा है शाहीन बाग, जहांगीरपुरी के दंगे, शुक्रवार को नमाज तकरीर के बाद सुनियोजित उपद्रव से शांति व्यवस्था भंग करना, विभिन्न प्रकार के जिहाद, मस्जिद मदरसा मौलवी दरगाह इकोसिस्टम का बढ़ता दायरा और सबसे खतरनाक इस संरचना को पालित पोषित संरक्षित वर्द्धित करने वाले वोट बैंक मुस्लिम तुष्टिकरण पुष्टिकरण करने में लगे हुए इकोसिस्टम, राजनीतिक दलों से है राष्ट्र विरोधी विदेशी इशारों पर सक्रिय टूल किट से अधिक है इन पर प्रभावी नियंत्रण, निर्मूलन नीति विधि सम्मत परम आवश्यक है और राष्ट्र धर्म सर्वोपरि के अनुपालन राष्ट्र, धर्म, संस्कृति, वैदिक सनातन धर्म, सनातनियों की रक्षा, सशक्तिकरण, अधिकार संपन्न,मठ मंदिर,संत समाज की सुरक्षा हेतु एक सनातन बोर्ड, पृथक मंत्रालय की तात्कालिक आवश्यकता है अन्यथा भारत को दार उल इस्लाम बनने से रोकना असम्भव है हमें कदम तेज करने होंगे क्योंकि अन्य हम से अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं भारत की एकता अखंडता संप्रभुता सुरक्षा हेतु कोई भी सशक्त प्रभावी कदम का राष्ट्र हित राष्ट्र धर्म में सच्चे भारतीय के रूप में स्वागत करना होगा शुतुरमुर्ग वृत्ति छोड़ वास्तविकता समझते हुए राष्ट्र नीति पर चलना ही होगा अन्यथा भयंकर परिणाम सामने आते देर न लगेगी अतीत की वेदना से सांस्कृतिक राष्ट्रीय चेतना को लोक चेतना जन मन भावना बनाने से ही भारत, सनातन धर्म, सनातनी हिन्दू सुरक्षित होगा यह समय रहते समझना होगा फुंसी को नासूर हम ने बनाया, बनने दिया इलाज हमें ही करना होगा 

जय मां भारती 🚩 🕉️ जय हिंदुत्व राष्ट्र धर्म सुरक्षित राष्ट्र का मर्म

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