शाहीन बाग की प्रयोगशाला जुमे का अखिल भारतीय पत्थरवार शोभायात्राओं पर सुनियोजित षड्यंत्रपूर्वक आक्रमण हिंदू लक्षित हिंसा आगजनी मर्ज बढ़ने दिया इलाज का नाटक यह भारी पड़ रहा है काश्मीर,केरल, बंगाल हिंदू अल्पसंख्यक हो रहा है पर अल्पसंख्यक, पीड़ित, प्रताड़ित केवल मुसलमान है हिंदू ठगा, ठिठुरा, सशंकित, भयभीत हो बहुसंख्यक होते हुए भी विवश हो पिटता,मरता अत्याचार कुकृत्य का शिकार होना अपनी नियति समझ चुका है उसे सेक्युलर चुसनी पकड़ा पालने में छोड़ अपने हाल पर छोड़ दिया गया है उसकी दुर्दशा स्वयं अपने स्व को भुला देने का ही परिणाम है स्व स्मरण,जागरण और हिंदुत्व धारण ,पालन, परंपरा स्थापित करने से ही भारत रक्षा, सनातन धर्म रक्षा एवं भारतीय सनातनी हिन्दू की रक्षा हो सकेगी यह बोध प्रचार प्रसार आवश्यक है आत्मबोध स्वबोध से राष्ट्र बोध राष्ट्र धर्म बोध कर्तव्य और दायित्व बोध सम्भव है जय मां भारती 🚩🕉️🚩🙏
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत राष्ट्र की मौलिक अवधारणा है सांस्कृतिक से संस्कारजन्य से अभिप्राय है संस्कार वैदिक पृथ्वी सूक्त के माता भूमि: पुत्रोहं पृथवया से है जो हमारा मातृभूमि से मत पुत्र का संबंध स्थापित करता है जो एक नैसर्गिक सत्य है मत एवं पुत्र का संबंध पवित्रताम एवं दैवीय है पारंपरिक स्थापना से निष्ठा का जन्म होता है मत पुत्र संबंध के चलते हम मातृभूमि कहते हैं सम्पूर्ण विश्व मे हम ही अकेले मातृभूमि कहते हैं राष्ट्र औरों के लिए एक भूमि का टुकड़ा अथवा एक भौगोलिक पहचान होगी हम हमारे वैदिक ऋषि पूर्वजों के पाठ पर चल भारत को जीवंत राष्ट्र देव मानते आए हैं यह एक स्थापित सत्य है अतः निष्ठा एक मौलिक आधार है जो हमे राष्ट्र भाव से ओतप्रोत करता है भारत के वैदिक मूल की सजीवनी हमारे ऋषि पूर्वजों द्वारा प्रदत्त सत्य सनातन वैदिक धर्म है सर्वं खलविदं ब्रह्म के ओजस्वी विचारधारा से विश्व को ब्रह्म का रूप जान नदियों,पर्वतों,वनस्पतियों,प्रकृति की हम पूजा करते हैं एकां सद विप्र बहुधा वदंति के अनुसार हम सर्व धर्म समभाव मे विश्वास रखते हैं एक परमेश्वर को विभिन्न दृष्टिक...
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