अस्सी घाव लगे तन पे मन में व्यथा नहीं थी मेवाड़ हिंदुपत हिंदुवा सूर्य महाराणा संग्राम सिंह जी को उनकी जयंती पर सादर नमन स्मरण विनम्र श्रद्धांजलि 💐🙏🚩जय मां भवानी जय हर हर महादेव जय श्री राम जय महाराणा प्रताप जय महाराणा सांगा जय राजपुताना जय क्षात्र धर्म महाराणा का अपमान कदापि नहीं सहेगा हिंदुस्थान मेवाड़, राजपुताना, महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा हमारा स्वाभिमान हैं वे क्षत्रिय समाज के ही नहीं अपितु भारत स्वाभिमान हैं और उनका अपमान क्षत्रिय समाज का ही नहीं अपितु भारत का अपमान है और यह अक्षम्य है 🕉️⚔️🚩🇮🇳🙏
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत राष्ट्र की मौलिक अवधारणा है सांस्कृतिक से संस्कारजन्य से अभिप्राय है संस्कार वैदिक पृथ्वी सूक्त के माता भूमि: पुत्रोहं पृथवया से है जो हमारा मातृभूमि से मत पुत्र का संबंध स्थापित करता है जो एक नैसर्गिक सत्य है मत एवं पुत्र का संबंध पवित्रताम एवं दैवीय है पारंपरिक स्थापना से निष्ठा का जन्म होता है मत पुत्र संबंध के चलते हम मातृभूमि कहते हैं सम्पूर्ण विश्व मे हम ही अकेले मातृभूमि कहते हैं राष्ट्र औरों के लिए एक भूमि का टुकड़ा अथवा एक भौगोलिक पहचान होगी हम हमारे वैदिक ऋषि पूर्वजों के पाठ पर चल भारत को जीवंत राष्ट्र देव मानते आए हैं यह एक स्थापित सत्य है अतः निष्ठा एक मौलिक आधार है जो हमे राष्ट्र भाव से ओतप्रोत करता है भारत के वैदिक मूल की सजीवनी हमारे ऋषि पूर्वजों द्वारा प्रदत्त सत्य सनातन वैदिक धर्म है सर्वं खलविदं ब्रह्म के ओजस्वी विचारधारा से विश्व को ब्रह्म का रूप जान नदियों,पर्वतों,वनस्पतियों,प्रकृति की हम पूजा करते हैं एकां सद विप्र बहुधा वदंति के अनुसार हम सर्व धर्म समभाव मे विश्वास रखते हैं एक परमेश्वर को विभिन्न दृष्टिक...
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