एक राष्ट्र एक विधान एक निशान ही एकमेव मार्ग इतिहास की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्मतिपूर्ण छल कपट मंथरा वृत्ति आज भारत का दुर्भाग्य बनीं कल्पना कीजिए उस भारत का जो एक परिवार की निजी संपत्ति बना रहा और अपने तुगलकी फरमान पर देश चलाता रहा उसी शाही राजघराने ने आज की समस्याओं को जन्म दिया और सत्ता में बने रहने के लिए उस इकोसिस्टम को जो बांटो और राज करो और अल्पसंख्यक के नाम पर हिंदू का  शोषण और मुसलमानों का पोषण करती रही हिंदू कोड बिल से ले भगवा आंतकवाद जैसे विविध विषय ला और कानून बना निजामे इलाही की ओर धकेलती रहीं आज भी सत्ता से बाहर होने पर भी उनकी मनोवृत्ति में कोई परिवर्तन नहीं है

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