गुम्बद उनका ढक्कन खम्भे,भूमि हमारी ये है जिसे इंडो इस्लामी आर्किटेक्चर कह महिमा मंडित किया गया है भारतीय चित्रकला के विभिन्न पक्ष को प्राथमिकता दी क्योंकि चित्र प्रतिबंधित थे कुरान की आयतों को सजा कर कलात्मक रूप जिसे एराबेस्क कहते हैं मंदिर तोड़ मसीत बनायी ऐसे कला पारखी और वास्तु कार थे चित्र में कमल,कलश आदि ले लिए मरुभूमि की रेत,बवंडर, कंटीले झाड़ झंखाड़,गधे,ऊंट को तो कला में उतार नहीं सकते थे जहां चित्रकला हराम है कि डेनमार्क के व्यंग्यकार ने saw का कार्टून बनाया गुस्ताखे रसूल की एक ही सजा सर तन से जुदा चम्पूपति जी ने रंगीला रसूल लिख दिया महाशय राजपाल जी ने छाप दिया इल्म दीन ने मार दिया कन्हैयालाल को भी इसलिए मार दिया गया तो भाई जब चित्र बनाना प्रतिबंधित था तो खाली दीवारें कैसे अच्छी लगती तो मंदिर के स्तंभों की चित्रकला मूर्तिकला वैसे ही छोड़ दी खम्भों से मजबूती गुम्बद तो खोखला एक ठोकर में गिरने वाला हर जगह जहां मसीत वहां एक मंदिर के भग्नावशेष और खंडित मूर्तियां मिलेंगी जमीन हमारी मंदिर हमारे जुगाड़ फिट मंदिर को साफ करो खम्भे छोड़ गुम्बद खड़ा करो कमरा ही तो चाहिए पहला बुतशिकन मुहम्मद पहला मंदिर विध्वंस काबा वहीं से सीख ले ट्रायल कर विश्व में विध्वंस का कारोबार और जबरन इस्लाम कबूलरवाना ये था इस्लामी विस्तार
पढ़ें समझें समझाएं
https://www.facebook.com/reel/732469429645790/?mibextid=rS40aB7S9Ucbxw6v
Comments
Post a Comment