हिंदुस्थान में रहने वाला हर कोई हिन्दू है जैसे हर भारतवासी भारतीय है परंतु सनातनी वही है जो सनातन धर्म, संस्कृति, संस्कार को धारण कर अनुसरण पालन करता है जो गोत्रत: वैदिक ऋषियों के वंशज कहलाने में गौरव अनुभव करता है माता भूमि: पुत्रोहं पृथिव्या का भाव रख भारत को मातृभूमि का मान दे राष्ट्र, धर्म, संस्कृति, सनातन धर्म (मूल धर्म) की रक्षा हेतु तत्पर रहते हैं मातृभूमि का मान,जय,पराजय, गौरव को अपना समझते हैं और राष्ट्रोत्कर्ष के अभिवृद्धि में अपना योगदान अपना सौभाग्य समझते हैं बेशक इस मिट्टी में सभी का खून शामिल है देश के लिए खून देना, बलिदान सौभाग्य है पर अधिकार की भाव भूमि नहीं हमारा सामर्थ्य कर्तव्य तक है अधिकार पर नहीं १८५७ के स्वातंत्र्य समर में हिंदू मुस्लिम एक साथ लड़े,१९०५ के बंग भंग में भी एक रहे १९०६ में मुस्लिम लीग की स्थापना और १९४० में पाकिस्तान प्रस्ताव एवं जिन्ना के १४ सूत्र, द्विराष्ट्र सिद्धांत, धार्मिक बंटवारा तय होना,सीधी कारवाई ने अल्लामा इकबाल के कौमी तराना "सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा" को मिल्ली तराना"चीनो अरब हमारा सारा जहां हमारा"बना दिया हिंदुस्तान, भारत को छोड़ देश मुल्क बन गया एक भारत का सपना बंटवारे का दर्दनाक मंजर बेगुनाहों की मौत और पाकिस्तान के रूप में खौफनाक हकीकत बन गया और आज तक वह जख्म हरा और रिस रहा है 

||जयतु अखंड भारतम्||🇮🇳🚩

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