आसिंधो सिंधु पर्यंत यस्य भारत भूमिका आज विश्व में सर्वत्र सनातन धर्म, संस्कृति के पगचिह्न प्राप्त हो रहे हैं सउदी अरब में ८००० वर्ष प्राचीन मंदिर,अज़रबैजान में मंदिर,चीन में नदी सूखने पर मंदिर, मिस्र में मोसुल डैम के सूखे के कारण सूखने पर वैदिक नगर, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान आदि में लगा स्तान जो स्थान का अपभ्रंश है संस्कृत भाषा का शब्द है, रूसी स्लाव शब्द भी संस्कृत शब्द है,पूरे विश्व में जगह जगह शिव लिंग प्राप्त होना यह सिद्ध करता है कि मातृ शक्ति देवी और पितृ शक्ति शिव की पूजा सर्वत्र प्रचलित थी कालांतर में परिवर्तन आने से सत्य और तथ्य नहीं बदल जाते साक्ष्य सत्य और तथ्य को टिकाऊ धरातल देते हैं दलदली जमीन नहीं हमारी संस्कृति सत्य,तथ्य एवं साक्ष्य पर आधारित है जो अकाट्य, प्रत्यक्ष एवं स्वयं सिद्ध सत्य है सत्य को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती सत्य से अनर्गल अनाप-शनाप तर्क यदि टकराते हैं तब सत्य के प्रकाश में वे जैसे तिमिर का अंत सूर्य के प्रकाश में स्वयं हो जाता है वैसे ही वे तर्क अस्तित्वहीन हो जाते हैं ||जयतु सनातनम् जयतु हिंदु राष्ट्रं भारतम्||🚩🙏🚩
https://www.facebook.com/100090938263389/posts/296946746679932/?mibextid=xDuVscIC3dymGitT
Comments
Post a Comment