क्षत्रिय: राष्ट्र भक्ति की अजेय निष्काम परंपरा
राष्ट्र के एकता अखंडता स्वाभिमान के लिए केसरिया से ले कर अपनी रियासतों तक को भारत के मौलिक अखंड स्वरूप को अक्षुण्ण अभिन्न रखने हेतु क्षत्रिय कुल का त्याग, समर्पण एवं बलिदान कभी इतिहास में नहीं वर्णित हुआ इदं राष्ट्राय स्वाहा इदं राष्ट्राय इदन्न मम हम क्षत्रिय ही राष्ट्र धर्म के लिए वीर गति प्राप्त कर निभाते रहे हैं यह स्मरणीय सत्य है है चाह नहीं हमको शिखरों की हम नींव के पत्थर अच्छे हैं तेरा वैभव अमर रहे मां हम दिन चार रहें न रहें 🕉️🚩🙏
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