रणभेरी धर्मयुद्ध
जागरण के गीत गाना त्याग दो
युद्ध की रणभेरी बजाना ठान लो
मातृभूमि निष्कंट हो पुनः यह नीति
पर चलना समय रहते सीख लो
मार्ग दुर्गम, ओझल संप्रति अभी
पर पग बढ़ते रहें यह ठान लो
लक्ष्य यदि मानस में अंकित है अमिट
साधना की सिद्धि में संशय नहीं
जय मां भारती 🕉️🚩🙏
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