राजपूत क्षत्रिय समाज के अभूतपूर्व योगदान, बलिदान को भुला बौलिवुड का अत्याचारी ठाकुर का नैरेटिव चला और गौरवशाली इतिहास को मनमाने ढंग से मटियामेट कर सस्ती लोकप्रियता के लिए परोसना क्षत्रिय समाज की छवि को धूमिल, विद्रूप करने का षड्यंत्र सबसे अधिक उत्तरदायी है यह एक स्वयंसिद्ध सत्य क्षात्र धर्म राष्ट्र धर्म निभाने का उल्लेखनीय योगदान करने वाली गौरवशाली इतिहास, परंपरा को मिटाने और एक मनमानी छवि प्रस्तुत करने का सुनियोजित षड्यंत्र है जो एक इकोसिस्टम के द्वारा हथियार बना चलाया जा रहा है इस पर स्वर उठने चाहिए और यह स्वर अपने क्षत्रिय समाज से उठे तो श्रेयस्कर होगा क्योंकि यह हमारे इन,बान, शान, स्वाभिमान का प्रश्न है जय मां भवानी हर हर महादेव जय श्री राम जय श्री कृष्ण जयतु सनातनम् जयतु हिंदु राष्ट्रं अखंड भारतम् 🕉️🚩 जय राजपुताना जय क्षत्रिय धर्म राष्ट्र धर्म ⚔️🔱🏹🥷🚩🙏🇮🇳
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत राष्ट्र की मौलिक अवधारणा है सांस्कृतिक से संस्कारजन्य से अभिप्राय है संस्कार वैदिक पृथ्वी सूक्त के माता भूमि: पुत्रोहं पृथवया से है जो हमारा मातृभूमि से मत पुत्र का संबंध स्थापित करता है जो एक नैसर्गिक सत्य है मत एवं पुत्र का संबंध पवित्रताम एवं दैवीय है पारंपरिक स्थापना से निष्ठा का जन्म होता है मत पुत्र संबंध के चलते हम मातृभूमि कहते हैं सम्पूर्ण विश्व मे हम ही अकेले मातृभूमि कहते हैं राष्ट्र औरों के लिए एक भूमि का टुकड़ा अथवा एक भौगोलिक पहचान होगी हम हमारे वैदिक ऋषि पूर्वजों के पाठ पर चल भारत को जीवंत राष्ट्र देव मानते आए हैं यह एक स्थापित सत्य है अतः निष्ठा एक मौलिक आधार है जो हमे राष्ट्र भाव से ओतप्रोत करता है भारत के वैदिक मूल की सजीवनी हमारे ऋषि पूर्वजों द्वारा प्रदत्त सत्य सनातन वैदिक धर्म है सर्वं खलविदं ब्रह्म के ओजस्वी विचारधारा से विश्व को ब्रह्म का रूप जान नदियों,पर्वतों,वनस्पतियों,प्रकृति की हम पूजा करते हैं एकां सद विप्र बहुधा वदंति के अनुसार हम सर्व धर्म समभाव मे विश्वास रखते हैं एक परमेश्वर को विभिन्न दृष्टिक...
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