यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता वाले राष्ट्र में नारी मुक्ति य और नारी अधिकार की बातें पाश्चात्य देशों में चलती होंगी हमारे देश में नारी के मां,बहन, बेटी एवं धर्मपत्नी के रूप में जीवन चक्र की धुरी है और परिवार चलता है उनसे पूछिए जिन्हें यह सुख प्राप्त नहीं है और जो कालवश उन्हें खो चुके हैं उपाध्याय दशाचार्या आचार्यानाम शतं पिता सहस्रेण तु पित्रन माता गौर्वेणाति रुच्यते भारत सीताराम, पार्वती पतये हर हर महादेव, राधेश्याम का देश है हमें नारी सम्मान, सशक्तिकरण,नारी अधिकार का पाठ,पालन कोई न सिखाए हमारा जीवन मां की गोद से मातृभूमि की गोद में बीतता है मातृ देवो भव पितृ देवो भव गुरु देवो भव हमारा डी एन ए है जयतु सनातनम् जयतु भारतम् 🕉️🙏

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