राष्ट्र चेतना ५

 देशभक्ति देश के प्रति आदर कोई भी कर सकता है देश एक भूआकृति या भूखंड के प्रति आदर भाव होता है राष्ट्र देश को एक भूकृति न मान कर एक जीवंत स्वरूप मान कर उसके प्रति एकनिष्ठ आस्था एवं समर्पण का भाव है सम्मान या आदर से ऊपर उठकर पूजा एवं आस्था का भाव है देशभक्ति किसी में भी हो सकती है पर राष्ट्र भक्ति बिरले विलक्षण सोच में होती है हम मां भारती एवं अखंड हिंदु राष्ट्र भारत में आस्था रखते हैं और मातृवत पूजा करते हैं पूजा संस्कार प्रेरित होती है एकनिष्ठ भाव होता है एवं समर्पण अतः देश से अधिक श्रेयस्कर राष्ट्र शब्द उचित प्रतीत होता है राष्ट्र से अखंड हिंदु राष्ट्र भारत का चित्र समक्ष प्रस्तुत हो जाता है भारत माता के उच्चारण मात्र से कमलासना मां भारती का दिव्य दर्शन मानस में अंकित हो जाता है भूमि अनेक हो सकती हैं परंतु मातृभूमि अथवा कहीं कहीं पितृभूमि भी कहते हैं एक ही होती है land can be many or any but motherland/fatherland is only one वंदे मातरम् 🇮🇳🌈 राष्ट्रीय तो हैं ही राष्ट्रत्व जगायें जय हिंदुत्व जय श्री राम

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