राष्ट्र चेतना १०

 भारत एक अलौकिक क्षमताओं वाला देश है पर हमारे देश को कुछ ऐसे लोगों ने पनपने न दिया उसी का उल्लेख आज करता हूं हमारे इतिहास को पराभव का इतिहास बना दिया गया गौरवशाली इतिहास को अंधकार में धकेल दिया गया आक्रांताओं का इतिहास महिमा मंडित कर विशेष स्थान पा गया आततायी मुगल बाबर से आलमगीर तक सब सम्मानित हो ग‌ए और जो सम्मान के अधिकारी हमारे शूर वीर वीरांगनायें वे या तो गायब कर दी गई या महत्वहीन कर दी ग‌ईं अकबर औरंगजेब महान हो ग‌ए हम यह भूल जाते हैं ६०,०००मंदिरों को नष्ट भ्रष्ट किया गया जजिया जैसे कर लगाये ग‌ए हिंदू नरसंहार जबरन धर्मांतरण अत्याचार अनाचार के दौर चले इस पर भी मुगल महान थे आज देश का एक बड़ा वर्ग मुस्लिम समाज जो आज तक अपने को राष्ट्रीय मुख्यधारा से अपने को जोड़ नहीं पाया आज भी अपने को उनका वंशज कहने में गौरव अनुभव करता है हमारे वीर जिन्होंने अपनी मातृभूमि के रक्षार्थ अपने प्राण न्यौछावर कर दिए वीरांगनाओं ने जौहर का वरण किया वे हमारे लिए बेमानी हो ग‌ए या गुमनामी में धकेल दिए गए ऐसा एकाएक नहीं हुआ स्वातंत्र्योत्तर भारत में हमारे प्रथम शिक्षा मंत्री एक विदेशी मौ आजाद ने एक ऐसी शैक्षिक वातावरण का निर्माण किया जिसके मुख्य बिन्दु आगे वर्णित हैं जे एन यू की स्थापना वहां वामपंथी विचारधारा से प्रभावित तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग जो वामपंथी विचारधारा के चश्मे से शिक्षा जगत के हर पक्ष की अपने दृष्टिकोण से व्याख्या करने लगे ऐसा इतिहास में रोमिला थापर इरफान हबीब जैसे लोग वामपंथी विचारधारा के अनुरूप इकोसिस्टम तैयार करने में लगे जो आगे चलकर देश के लिए घातक सिद्ध होने वाला था आर्य आक्रमण जीवन शैली महाकाव्य वेद वैदिक जीवन ज्ञान विज्ञान दर्शन अध्यात्म सभ्यता आदि को एक अलग नजरिए से गलत साबित करना भ्रामक इतिहास बनाना और एक इकोसिस्टम तैयार करना जो ऐसी मानसिकता वाली पौध हो और उसे संरक्षित प्रचलित करना जिसका राष्ट्र धर्म संस्कृति संस्कार स्वाभिमान हिंदुत्व सनातन धर्म से विमुख होकर रहे और अपने को पाश्चात्य संस्कृति सोच के अनुसार ढाल कर चले ऐसी शिक्षा प्रणाली पद्धति से देशज विदेशी मानसिकता वाले युवा वर्ग को तैयार कर दिया यहां यह भी उल्लेखनीय है कि ऐसे तथ्य तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किए गए जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था ब्राह्मण को गोभक्षी goghna (ncert) में बताया गया ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया और उसे विद्रूप किया हो क्यों न यह सब एक एजेंडे के तहत चल रहा था एक वामपंथी विचारधारा वाली पाश्चात्य संस्कृति से ओतप्रोत एक मानसिक सामाजिक बौद्धिक बौद्धिक मानसिकता के इकोसिस्टम की तैयारी चल रही थी उस समय शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद के स्थान पर हमारे यहां के मूर्धन्य विद्वानों की निहारिका यथा डा राधाकृष्णन डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि शिक्षाविद् थे पर उन्हें दरकिनार कर एक विदेशी जिसका भारत से कोई लेना-देना नहीं था न ही भारत धर्म संस्कृति संस्कार की समझ थी ऐसे व्यक्ति को एक नवोदित सद्य स्वतंत्र राष्ट्र के शैक्षिक भविष्य के निर्माण की बागडोर देना एक गंभीर भूल थी हमारे शिक्षा मंत्री ने सबसे पहला काम राष्ट्र धर्म संस्कृति संस्कार स्वाभिमान हिंदुत्व सनातन धर्म से दूर करने के लिए हमारी पारंपरिक गुरुकुल व्यवस्था को समाप्त किया और संस्कृत पर नकेल कसी क्यों वह जानता था कि भारत का प्राण धर्म है और वही राष्ट्रीय चरित्र निर्माण करता है अतः उसका समापन आवश्यक है जो शैक्षिक वातावरण सामग्री पुस्तकें शोध पत्र भी तैयार हुए वह भी उपर्वर्णित इकोसिस्टम विकसित करने का माध्यम बने आज हम विज़न ias की बात करते हैं तब हम यह क्यों भूल जाते हैं कि आज भी प्रतियोगिता परीक्षाओं में तैयारी उन्हीं सामग्री पर आधारित है जो मौ आजाद हुमायूं कबीर जैसों के शिक्षा मंत्री रहते तैयार किया गया वर्तमान परिस्थितियों की नींव रखी गई अतीत में काश भारत का शैक्षिक भविष्य रचने का दायित्व डा राधाकृष्णन को दिया गया होता तो आज भारत का भविष्य कुछ और होता लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ सरदार पटेल को १४मत पाने के बाद भी गांधी जी ने नेहरू को प्रधानमन्त्री बनवाया नेताजी सुभाष सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए पट्टाभि सीतारमैया का पक्ष ले उनको त्याग पत्र देने को मजबूर किया गया ऐसे अनेक फैसले लिए गए जो स्वार्थपरक राजनीतिक अस्तित्व वर्चस्व साधन हेतु लिए गए जिनका दुष्प्रभाव भविष्य के कोख में था वही आज हमारे सामने है भारत को एक समग्र राष्ट्रीय विकास नीति निर्धारण की आवश्यकता है जो राष्ट्र धर्म संस्कृति संस्कार स्वाभिमान हिंदुत्व सनातन धर्म सांस्कृतिक सनातन मूल्यों पर आधारित हो और एक समग्र शारीरिक मानसिक सामाजिक बौद्धिक विकास जागरूकता को विकसित कर एक राष्ट्रीय चरित्र निर्माण कर स्वस्थ राष्ट्र जीवन का मार्ग प्रशस्त करें मार्ग कठिन है बाधायें भी हैं पर राष्ट्र हित में ऐसी पहल वांछित है और इतिहास का पुनरुद्धार पुनर्लेखन भी अत्यंत आवश्यक है वंदे मातरम् जय हिंदुत्व जय हिंदु राष्ट्र भारत 🙏🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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