muse bharati 10

 आज साजिश रचते जो हैं उनको मौका देने वाले कौन कौन उनकी सहायता कर रहा है सांपों से तो निपट लेंगे पर आस्तीन के सांपों से अधिक खतरा है उनकी पहले व्यवस्था की जाए आज के लेख में जिस इकोसिस्टम की बात मैंने रखी है वह जड़ जमा चुकी है और वह विषवेल पनप कर फैल गई है आज आतंकवाद का नया अध्याय लिखने की तैयारी हो चुकी है अब आतंकवाद को जड़ से निर्मूल का समय हर पर है राष्ट्र हित में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों शक्तियों प्रवृत्तियों पर निर्णायक प्रभावी निर्णायक आघात करना ही होगा यदि राष्ट्र धर्म सर्वोपरि है वंदे मातरम्

https://www.facebook.com/100014631244258/posts/1329940227503673/?sfnsn=wiwspmo

Comments

Popular posts from this blog

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण

BHARAT: A ETERNAL CULTURAL NATION WITH CULTURAL ROOTS

ऑपरेशन सिंदूर नये भारत का उदय