या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै-३ नमो नमः से यदि हमने आदिशक्ति की पूजा अर्चना की तो हमने नारी अर्थात मातृशक्ति को भी ऊंचा स्थान दिया यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता यह सनातन धर्म का वैशिष्ट्य एवं विलक्षणता है नारी को मातृशक्ति, मातृभूमि का मान देने वाले और दिलाने की बात करने,रखने वाले हम विश्व के एकमेव सनातन पारंपरिक वैचारिक पृष्ठभूमि वाले राष्ट्र हैं कदाचित राष्ट्र को मात्र भूखंड न मान माता भूमि: पुत्रोहम् पृथिव्या: राष्ट्र को जीवंत देवत्व दिव्यत्व स्वरूप राष्ट्र देव मातृभूमि मानने वाले हम एकांकी राष्ट्र हैं यह समझना और इस पर गौरवान्वित होना और अपने सनातन धर्म, संस्कृति, संस्कार को देने वाले वैदिक ऋषियों दृष्टाओं के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए कि उन्होंने इस कालजयी वैचारिक धरातल को पुण्यभूमि भारत और हम भारती(भारतीय)को आशीर्वाद स्वरूप दिया उनके हम यावद्भूमंडलं धत्ते सशैलवनकानं ऋणी रहेंगे अन्यथा कृतघ्न कहलायेंगे

जयतु सनातनम् जयतु भारतम् 🙏

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