हमारे सेक्युलर इंस्युलर इकोसिस्टम भगत के लिये खास तोहफा विशेष रूप से सुप्रीम कोठ के उन न्याय मूर्ति को जिन्हें उनके यहां का खाना और सफाई बहुत पसंद आई थी जिसके प्रभाव में उन्होंने योगी जी के पहचान उजागर एवं प्रदर्शित करने वाले ऐतिहासिक निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी और कुछ मूर्ख कूद रहे हैं कि फैसला पलट दिया और कालनेमि पंचरपुत्रों ने जो नेमप्लेट लगाये थे हटा लिये लगा कि फतह हो गयी और मीडिया पर बढी दाढी वाले ख्वाब ए गजवाएहिंद और तामीर ए उम्मा इस्लामिक स्टेट विलायत खिलाफत का मंसूबा पाले बैठे हैं और इकोसिस्टम,कांग्रेस सपा आप टी एम सी आर जे डी डी एम के आदि विपक्ष और लुट्येन्स इकोसिस्टम के साथ ताल में ताल मिला रहे हैं हम भोजन करते हैं शुद्ध एवं सात्विक कहां, क्या, कैसे करना है वह हमारे ऊपर है हम 'खाना' नहीं खाते कुछ भी कैसा भी हम 'भोजन'करते हैं यही हमें औरों से अलग करता है रखता है हमें कुछ भी कैसा भी ग्रहण करने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता चुनाव और चुनना हमारा अधिकार है हम औरों जैसे नहीं यह समझना और समझाना होगा जयतु सनातनम् जय हिंदुत्व जयतु सनातनम् भारतम् 🚩🙏 इस जागरूकता का प्रसार करें एक्यं सनातनम् एक्यं भारतम्🚩🚩🚩🚩🚩🥷🎯🏹🔱🦚
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत राष्ट्र की मौलिक अवधारणा है सांस्कृतिक से संस्कारजन्य से अभिप्राय है संस्कार वैदिक पृथ्वी सूक्त के माता भूमि: पुत्रोहं पृथवया से है जो हमारा मातृभूमि से मत पुत्र का संबंध स्थापित करता है जो एक नैसर्गिक सत्य है मत एवं पुत्र का संबंध पवित्रताम एवं दैवीय है पारंपरिक स्थापना से निष्ठा का जन्म होता है मत पुत्र संबंध के चलते हम मातृभूमि कहते हैं सम्पूर्ण विश्व मे हम ही अकेले मातृभूमि कहते हैं राष्ट्र औरों के लिए एक भूमि का टुकड़ा अथवा एक भौगोलिक पहचान होगी हम हमारे वैदिक ऋषि पूर्वजों के पाठ पर चल भारत को जीवंत राष्ट्र देव मानते आए हैं यह एक स्थापित सत्य है अतः निष्ठा एक मौलिक आधार है जो हमे राष्ट्र भाव से ओतप्रोत करता है भारत के वैदिक मूल की सजीवनी हमारे ऋषि पूर्वजों द्वारा प्रदत्त सत्य सनातन वैदिक धर्म है सर्वं खलविदं ब्रह्म के ओजस्वी विचारधारा से विश्व को ब्रह्म का रूप जान नदियों,पर्वतों,वनस्पतियों,प्रकृति की हम पूजा करते हैं एकां सद विप्र बहुधा वदंति के अनुसार हम सर्व धर्म समभाव मे विश्वास रखते हैं एक परमेश्वर को विभिन्न दृष्टिक...
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