भारत:पराभव पतन एक समीक्षा
संस्कृत-संस्कार-संस्कृति-सनातन धर्म से पाश्चात्य अंधानुकरण, मानसिक दासता, आधुनिकता और पाश्चात्यीकरण का दुष्परिणाम आज हमारे सामने हैं हम जब नयी पीढ़ी को कूटरचित इतिहास परोसेंगे तब यही होना था हमने कभी भी अपने इतिहास, गौरवशाली अतीत को जानने की जिज्ञासा नहीं दिखाई और औपनिवेशिक एवं दरबारी चाटुकार इतिहासकारों की बातें पत्थर की लकीर मान स्वीकार करते रहे एक नवस्वतंत्र देश का इतिहास गौरवशाली अतीत का शौर्य त्याग एवं बलिदान की यशोगाथा होनी चाहिए थी यहां इसके उलट पराभव, पराभूत भारत का हतोत्साहक,मर्माहत करने वाला इतिहास बना कर पीढ़ियों के साथ विश्वासघात करने दिया गया आज जो परिणाम हमारे सामने हैं वह उसी षड्यंत्रकारी कूटरचित इतिहास का परिणाम है हमें वैदिक सनातन इकोसिस्टम को लाना होगा और इस और आनेवाली पीढ़ियों को उसके अनुरूप ढालना होगा यह अत्यंत आवश्यक है यदि हमें भारत और भविष्य के भारत को साकार करना है जयतु सनातनम् जयतु भारतम् 🚩🙏
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