११०० वर्षों का शौर्य, त्याग एवं बलिदान का चित्तौड़गढ़ का इतिहास, महाराज पृथ्वीराज चौहान का युद्ध, महाराणा प्रताप का सतत् संघर्ष, हेमचंद्र विक्रमादित्य का संघर्ष, छत्रपति शिवाजी का सतत् संघर्ष, मराठों का पानीपत में रचा शौर्य इतिहास सभी में एक समानता रही सभी स्वयं प्रेरणा से मातृभूमि के स्व एवं स्वाभिमान की रक्षा हेतु प्रयत्नशील रहे अपनी अंतिम श्वास तक क्षत्रिय शक्ति का केसरिया आज भी भारत के अप्रतिम शौर्य, बलिदान एवं उत्कट मातृभूमि के प्रति प्रेम एवं निष्ठा का अद्वितीय उदाहरण प्रेरणा स्रोत बन खड़ा है और अविस्मरणीय रहेगा भारतीय शौर्य सदैव विश्वासघात से पराभूत हुआ हमारे पराभव का सबसे प्रमुख कारण हमारे अपनों के मन में लालच एवं स्वार्थपरकता का पलना एवं फलित होना रहा आज भी परिस्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है यह हमारी विडंबना बनी हुई है राष्ट्रीय चरित्र का अभाव इसके पीछे का मुख्य कारण है हमें राष्ट्रीय चरित्र के जागरण एवं राष्ट्र के प्रति एकात्म भाव जगाने की आवश्यकता है व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण सम्भव है यह एक अकाट्य सत्य है इसे समझना ही होगा एक राष्ट्र एक भाव राष्ट्र भाव एक कर्तव्य एवं दायित्व राष्ट्र धर्म इससे ही राष्ट्र, धर्म, संस्कृति, सनातन धर्म, संस्कार की रक्षा करना सम्भव है अन्यथा कदापि नहीं राजनीति की अपेक्षा राष्ट्र नीति की हमें अधिक आवश्यकता है यह बात समझना होगा||नमो मातृभूमि||🚩🙏🚩

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