हिंदू की बात कर रहा हूं सनातन की नहीं इन्स्युलर, सेक्युलर, भाईचारा वाला ही हिंदू हैं हिंदू शब्द हिंदु है जो फारसी में स को ह से हिंदु सिंधु से बना सिंधु नदी जिसे इंडस ग्रीक में कहा जाता था तब हम हिंदु से सिंधु नदी तक ही पहुंचते हैं परन्तु सनातन से हम विश्व के प्राचीनतम धर्म सनातन धर्म तक पहुंचते हैं जो हमें विश्व के ज्ञान विज्ञान अध्यात्म दर्शन के भंडार चतुर्वेद ऋगवेदादि एवं हमारे पूर्वजों ऋषि वैदिक दृष्टाओं तक पहुंचाते हैं सनातन समाज वैदिक वर्ण व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर भिन्न भिन्न वर्गीकरण जाति आदि में कर वोट बैंक साधने के लिए सत्ता पाने की सीढ़ी बना दी गयी आज राजनीतिक हिंदू और सनातन वैदिक धर्म निष्ठ सनातन में संघर्ष है एक मैकाले की शिक्षा पद्धति और सेक्युलर शिक्षा के द्वारा पालित पोषित ईकोसिस्टम में पला बढ़ा 'शिक्षित'समाज जिसकी सोच उपनिवेशवादी सोच मानसिक दासता से अलग नहीं हो पा रही है और दूसरी ओर वैदिक सनातन धर्म को अंगीकार कर चलने वाला राष्ट्र धर्म सर्वोपरि समझने वाला संघर्ष स्वाभाविक है एक राष्ट्र के स्वाभिमान स्व की रक्षा हेतु प्राणों की बाजी लगाने को तैयार और एक वोट और वादों पर 'बिकने'को तैयार परंतु सत्य और धर्म की विजय होती रही है और सदैव होती रहेगी यत: धर्मो ततो जय:; सत्यमेव जयते जय श्री राम वंदे मातरम् 🚩🙏
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एक विश्लेषण
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत राष्ट्र की मौलिक अवधारणा है सांस्कृतिक से संस्कारजन्य से अभिप्राय है संस्कार वैदिक पृथ्वी सूक्त के माता भूमि: पुत्रोहं पृथवया से है जो हमारा मातृभूमि से मत पुत्र का संबंध स्थापित करता है जो एक नैसर्गिक सत्य है मत एवं पुत्र का संबंध पवित्रताम एवं दैवीय है पारंपरिक स्थापना से निष्ठा का जन्म होता है मत पुत्र संबंध के चलते हम मातृभूमि कहते हैं सम्पूर्ण विश्व मे हम ही अकेले मातृभूमि कहते हैं राष्ट्र औरों के लिए एक भूमि का टुकड़ा अथवा एक भौगोलिक पहचान होगी हम हमारे वैदिक ऋषि पूर्वजों के पाठ पर चल भारत को जीवंत राष्ट्र देव मानते आए हैं यह एक स्थापित सत्य है अतः निष्ठा एक मौलिक आधार है जो हमे राष्ट्र भाव से ओतप्रोत करता है भारत के वैदिक मूल की सजीवनी हमारे ऋषि पूर्वजों द्वारा प्रदत्त सत्य सनातन वैदिक धर्म है सर्वं खलविदं ब्रह्म के ओजस्वी विचारधारा से विश्व को ब्रह्म का रूप जान नदियों,पर्वतों,वनस्पतियों,प्रकृति की हम पूजा करते हैं एकां सद विप्र बहुधा वदंति के अनुसार हम सर्व धर्म समभाव मे विश्वास रखते हैं एक परमेश्वर को विभिन्न दृष्टिक...
Comments
Post a Comment